केन्द्रीय विद्यालय एसपीएस ज्योतिपुरम (जम्मू और कश्मीर) पूरे देश व विदेशों में स्थित1256 केंद्रीय विद्यालयों में से एक है| इनमें तीन केन्द्रीय विद्यालय विदेशों में स्थित हैं – मॉस्को, तेहरान और काठमांडू में। केंद्रीय विद्यालयों की योजना एक भाषाई क्षेत्र से दूसरे भाषाई क्षेत्र में जाने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों को निर्बाध शिक्षा प्रदान करने के लिए 1963 में अस्तित्व में लाई गई ।
1962 में दूसरे केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिश पर, जिसमें समान पाठ्यक्रम और पाठ्यचर्या के साथ समान शिक्षा प्रदान करने की सिफारिश की गई थी, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने संचालित 20 रेजिमेंटल स्कूलों को अपने अधीन ले लिया और 1963 में केंद्रीय विद्यालयों में बदल दिया। बाद में इन केंद्रीय विद्यालयों का पुनः नामकरण किया गया और आज के दिन लगभग 1256 केंद्रीय विद्यालय देशभर में स्थानांतरणीय केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों, रक्षा और परियोजना कर्मियों के बच्चों के लिए एक समान शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं। केंद्रीय विद्यालयों की यह अभूतपूर्व वृध्दि इसकी लोकप्रियता और वर्तमान शिक्षा सुधारों के सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति के कारण है, और यह स्कूल स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को उच्च करने के लिए प्रयासरत हो गए हैं। केंद्रीय विद्यालयों ने अपनी बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा को सभी क्षेत्रों में इतना सुधार लिया है कि आज कोई शैक्षणिक संगठन प्रतिस्पर्धा में नहीं है।